देश में मची है भयंकर लुट, चली जा रही है भयंकर चाले
फीके पद जायेंगे २ जी और गेम्स इत्यादि के कुल घोटाले
जब खुलेगे आयात ओर निर्यात के अब तक बंद ताले
हालाँकि हर जगह छाई है भ्रष्टाचारियों की आतंकवादी निति
पर सच्चाई ज्यादा दिन तक छिप नही सकती, यही है रीति
प्रश्न है क्यों सहे और कबतक सहे हम इतने घपले और लूटपाट
क्यों नहीं हमसब एक होकर लाए सूराज, दे बेईमानों को मात |
सबकुछ संभव है अगर हो जाये हमसब एक, पुकार रही माँ भारती
जुट जाओ साथियों देश की रक्षा हेतु, सिसक रही है माँ भारती
ना कराओ और इंतज़ार, लुटेरो से तंग, क्रंदन कर रही माँ भारती...